29.3.10

यूं ही नहीं उलझता ट्रेफिक?

हाइवे पर पुलिया निर्माण कार्य के चलते सब्जी मंडी तिराहे से लेकर आरटीएम होटल तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। घड़ी-घड़ी जाम और आपस में उलझता ट्रैफिक, व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है। ऐसा नहीं है कि व्यवस्था को संभालने या टैªफिक को काबू में करने के लिए कोई मौजूद नहीं रहता है, अगर चैराहों पर थोड़ी देर खड़े रहकर देखें तो ‘हर चैराहे पर 40 से 45 जवान तैनात दिखेगें, लेकिन इनकी उपस्थिति यहां ‘नगण्य -सी’ रहती है।...यानी उपस्थित रहकर भी अनुपस्थित।



कोटपूतली शहर हाइवे के दो-तरफ बसा हुआ है, इसलिए यहां लोकल टैªफिक अधिक रहता है और अधिकतर वाहन शहर के मुख्य चैराहे एवं दीवान रीजेन्सी के सामने सब्जी मंड़ी तिराहे से शहर में प्रवेश करते हैं। यहां व्यवस्था संभालने के लिए प्रशासन ने काफी संख्या में होम गार्ड एवं पुलिस के जवान मुस्तैद कर रखे हैं। लेकिन इनकी हालत ये है कि बिगड़ती व्यवस्था को ये मूकदर्शक बने देखते रहते हैं, यहां तक कि किसी के टोकने पर भी ये किसी को टोकना उचित नहीं समझते...और अगर किसी को टोक लेते हैं तो फिर गाड़ी को कोने में लगवाये बिना नहीं छोड़ते हैं।

ऐसी व्यवस्था के कारण हालात ये रहते हैं कि लोकल टैªफिक तो आपस में उलझता ही है साथ में हाइवे पर भी वाहनों की लम्बी कतार लग जाती है। इसका सीधा और गहरा असर हाइवे किनारे स्थित राजकीय बीडीएम अस्पताल में आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है, कारण कि हाइवे जाम हो जाने के बाद छोटे वाहन अस्पताल के सामने की सर्विस लाइन पर आ जाते हैं और अस्पताल में आने-जाने वाले लोगों का रास्ता बंद हो जाता है।

इस चैराहे से उस चैराहे तक बस स्टैण्ड

हाइवे के मुख्य चैराहे से अगले चैराहे तक सड़क किनारे यात्रियों की भारी भीड़ लगी रहती है। यहां ना तो यात्रियों को पता कि बस कहां रूकेगी और ना ही बस चालक को पता होता कि बस कहां रोकनी है। सवारियां चलती बस में ही चढ़ती-उतरती रहती हैं, इससे कभी भी कोई दुघर्टनाग्रस्त हो सकता है। गलती से अगर बस सड़क पर रूक जाती है तो पीछे वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इतना सब कुछ महज बस स्टैण्ड निर्धारित ना होने के कारण हो रहा है।

वाहन पार्किंग भी इसी सड़क पर

यातायात की ऐसी स्थिति के बावजूद यहां सड़क किनारे स्थित विभागों एवं दुकान पर आने वाले लोग अपने वाहन इसी सड़क के किनारे खड़ा देते हैं जिससे भारी वाहनों को गुजरने में परेशानी होती है, और फिर यातायात अधिक धीमा हो जाने के कारण दवाब भी बढ़ता चला जाता है।

उल्टी दिशा में संचालित यातायात


शहर के दीवान होटल के पास से एसबीबीजे बैंक तक हाइवे से सटी कॉलोनियों एवं दुकानदार लोग घूमकर आने की बजाय उल्टी दिशा में ही यातायात संचालन करते हैं, इस कोढ़ में खाज का काम कर रहा है। ...लेकिन इसे रोकने की कोई कौशिश नहीं की जा रही है। इन सबके बीच लोगों में चर्चा रहती है हाइवे पर यातायात संभालने के लिए भारी संख्या में जवान तैनात करने के बाद भी स्थिति ऐसी क्यों है?

आज तुम फिर खफा हो

आज तुम फिर खफा हो मुझसे,


जानता हूँ मैं,

न मनाऊगा तुमको,


इस बार मैं।

तुम्हारा उदास चेहरा,

जिस पर झूठी हसी लिये,

चुप हो तुम,

घूमकर दूर बैठी,

सर को झुकाये,

बातों को सुनती,

पर अनसुना करती तुम,

ये अदायें पहचानता हूँ मैं,

आज तुम फिर खफा हो मुझसे,

जानता हूँ मैं।

नर्म आखों में जलन क्यों है?

सुर्ख होठों पे शिकन क्यों है?

चेहरे पे तपन क्यों है?

कहती जो एक बार मुझसे,

तुम कुछ भी,

मानता मै,

लेकिन बिन बताये क्यों?

आज तुम फिर खफा हो मुझसे,

जानता हूँ मै।।