28.12.10

आपके एसएमएस, (न्यूज चक्र, एसएमएस जंक्शन से )

वक्त कम था बात अधूरी रह गई, अच्छे लोगों से मुलाकात अधूरी रह गई, उसे जाने के बाद हम रोये बहुत, कोन कहता है बरसात अधूरी रह गई।                              - रोकी सिंह, बनेठी

किसी की चाहत को सजा मत देना, किसी की मोहब्ब्त का दगा मत देना, जिसे तुम्हारे बिना जीने की आदत ना हो, उसे कभी लम्बी उम्र की दुआ मत देना। - सुभाष कसाना, नांगल चेचिका

एक दूजे के दिल में रहते हैं हम, इक दूजे का दर्द समझते हैं हम, दोस्ती ऐसे निभाते हैं हम कि दूर होकर भी साथ होने का अहसास दिलाते हैं। - मनोज शुक्ला, कोटपूतली

सोचो कहां है हम-
एक ऐसे देश में जहां ‘पिज्जा’ किसी के घर एक एम्बूलेंस और पुलिस से पहले पहुंच जाता है, कार खरीदने के लिए लिया गया लोन ऐजूकेशन लोने से सस्ता है। जहां चावल चालीस रूपए किलो है, जबकि सिमकार्ड फ्री में मिल जाता है और दुर्गा मां की पूजा की जाती है लेकिन कन्या भ्रुण जन्म से पहले ही नष्ट कर दिया जात है।
- संजय आर्य, गोनेड़ा

हंसी के लिए गम कुर्बान, खुशी के लिए आंसू कुर्बान, दोस्ती के लिए जान कुर्बान और दोस्त की जान के लिए हम कुर्बान। राज मान, जयसिंहपुरा

लोग प्यार दिल से नहीं चेहरे से करते हैं, वो दिन पे नहीं सुंदरता पर मरते हैं, हम सुंदर नहीं पर दिल के साफ हैं इसलिए बहुत कम लोग हमें पसंद करते हैं। बजरंग वर्मा

हर खुशी दिल के करीब नहीं होती, जिंदगी गमों से दूर नहीं होती, ऐ दोस्त दोस्ती को संजोकर रखना, दोस्ती हर किसी को नसीब नहीं होती। - कैलाश, करवास

दिल ने जो चाहा आज तक कभी नहीं पाया, झूठी मुस्कान में हमने हमेशा गम को छुपाया, वैसे तो हर इंसान तकदीर को अजमाता है और एक हम हैं जिसे हर बार तकदीर ने आजमाया। - अज्ञात

दोस्ती उनसे करो जो निभाना जानते हैं, नफरत उनसे करो जो भूलाना जानते हैं, गुस्सा उन पर करो जो मनाना जानते हैं, यारी उनसे करो जो दिलो-जान लुटाना जानते हैं, जैसे कि हम। - प्रदीप, बनेठी

किस्मत पर ऐतबार किसको है, मिल जाए खुशी, इनकार किसको है कुछ मजबूरियां है मेरे दोस्त वरना जुदाई से प्यार किसको है। - परविन्दर कुमार।

कहीं सुबह तो कहीं शाम होगी, हमारी हर खुशी आपके नाम होगी, कुछ मांगकर तो देखिए हमसे, होठों पर हंसी और हथेली पर जान होगी। -राकेश रावत, गोपालपुरा।

बिना कहे सब कुछ कह जाते हैं, बिना कसूर सब कुछ सह जाते हैं, दूर रहकर भी जो अपना फर्ज निभाते हैं वही रिश्ते तो अपने कहलाते हैं। - राकेश वर्मा, बहरोड़

मुस्कुराती आंखों से अफसाना लिखा था, शायद आपकी जिंदगी में आना लिखा था, तकदीर तो देखो मेेरे आंसू की, इनका भी आपकी याद में बह जाना लिखा था।- रॉकी सिंह, बनेठी।

अहसान नहीं अहसास है दोस्ती, जिन्दगी के इम्तिहान में इक मुसकान है दोस्ती, जान देना बड़ी बात नही, उमर भी साथ निभाने का नाम है दोस्ती।  -अन्नु कंवर, बनेठी।

तन्हा जिन्दगी हम जीया नहीं करते, दूसरों से जाम छीनकर हम पीया नहीं करते, उनको मोहब्बत है तो आकर इजहार करें, हम भी किसी का पीछा किया नहीं करते।- कृष्ण चंदेला, ढ़ाणी कांकरिया

दोस्ती का रिश्ता दो अन्जानों को जोड़ देता है, हर कदम पर जिन्दगी को नया मोड़ देता ह, वो रिश्ता साथ देता है तब, जब अपना साया भी साथ छोड़ देता है। - मनीष, कोट

आप को चाहा भी तो, इजहार करना नहीं आया, कट गयी उमर सारी, हमं प्यार करना नहीं आया, आपने मांगी भी तो जुदाई मांगी हमसे, और हमें इनकार करना नहीं आया। - सतीश, स्लामपुर

रात को रात का तोहफा नहीं देते, दिल को जज्बात का तोहफा नहीं देते, देने को तो हम आपको चांद भी दे देते, लेकिन चांद को चांद का तोहफा नहीं देते। - मनीष जोगिड़, गूंती

प्यार बिकता नहीं इस जमाने में, ये तो हासिल होता है किसी को आजमाने में, जिन्दगी का हर गम दूर हो जाता है, बस किसी के इक बार मुस्कुराने में।- रामसिंह प्रजापत, बहरोड़

हर बात ऐसी करो, इतिहास बन जाए, हर कदम के गवाह चांद सितारे बन जाए
किस्मत के भरोसे जिन्दगी में ना डगमगाना, कर्म ऐसे करो कि किस्मत खुद बन जाए।- रेखा कंवर, बनेठी

कभी तो की होगी चांद ने सूरज से मोहब्बत, तभी तो इसमें दाग है, मुुमकिन है हुई होगी सूरज से बेवफाई तभी तो इसमें आग है। - ममता कुमारी, बनेठी

कांटों को चुभना सिखाया नहीं जाता, फूलों को खिलना सिखाया नहीं जाता, कोई बन जाता है खुद ही अपना, किसी को अपना बनाया नहीं जाता।- हवासिंह पोषवाल

क्यांे मरते हो किसी सनम के लिए, न देगी दुपट्टा कफन के लिए, मरना है तो मरो वतन के लिए, तिरंगा तो मिलेगा कफन के लिए।- रीना कुमारी, जयसिंहपुरा

हर जलते दीपक के तले अंधेरा होता है, हर अंधेरी रात के पीछे सवेरा होता है, घबरा जाते हैं कायर लोग मुसीबत को देखकर, हर मुसीबत के पीछे सुख का डेरा होता है।- निशा चैधरी, करवास

दूध मांगो तो चावल देगें पकि पकाई खीर नहीं देगें, ऐ पाकिस्तानियों सुन लो, कश्मीर तो क्या कश्मीर की तस्वीर भी नहीं देगें।- संदीप सिंह जाट, करवास

अमन बेच डाला, चमन बेच डाला, वतन की हिफाजत करेगें वो क्या, जिन्होंने शहीदों का कफन बेच डाला-  कृष्ण कुमार, करवास

रे बंदे झूठ मत बोलो, खुदा के पास जाना है, वहां ना हाथी है ना घोड़ा है, वहां पैदल ही जाना है।- हंसराज डागर, जयसिंहपुरा

24.12.10

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लापरवाही का शिकार गांव बनेटी, सभी सुविधाऐं होने के बावजूद उनका उपयोग नहीं कर पा रहे ग्रामवासी

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